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  • श्रीमद् भागवत कथा भाग-3
    Oct 29 2025
    श्रीमद् भागवत कथा भाग-3
    Premanand ji maharaj
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    1 hr and 35 mins
  • श्रीमद् भागवत कथा_ भाग-1 कलियुग एवं भक्ति महारानी की महिमा श्री भागवत जी की महिमा Premanand ji Maharaj
    Oct 29 2025
    श्रीमद् भागवत कथा भाग-1
    Premanand ji Maharaj
    Ramayan
    Mahabharat
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    1 hr and 29 mins
  • धनतेरस पर क्या करना चाहिए Premanand Ji Maharaj
    Oct 18 2025
    धनतेरस के दिन शाम के समय पूजा घर में मां लक्ष्मी और कुबेर देवता के नाम दीपक जलाना चाहिए. इस दीपक में घी का उपयोग करना अत्यंत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि पूजा स्थल पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. धनतेरस पर यम की पूजा और दीपक जलाने की परंपरा
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    30 mins
  • ऐसे रिस्तो से दूर रहे Premanand Ji Maharaj
    Oct 18 2025
    रिश्तों का महत्व: जीवन का आधार रिश्ते हमारे जीवन का एक अनमोल हिस्सा हैं। वे हमारे जीवन को अर्थ और पहचान देते हैं। ये सिर्फ़ खून के रिश्तों तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि दोस्ती, प्रेम और अन्य मानवीय संबंधों को भी शामिल करते हैं। जिस तरह भोजन और पानी हमारे शरीर के लिए आवश्यक हैं, उसी तरह प्यार और जुड़ाव की भावना हमारी भावनात्मक और मानसिक सेहत के लिए ज़रूरी है। रिश्तों के महत्व को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:1. भावनात्मक सहारा: रिश्ते खुशी, आनंद, आराम, समर्थन और सुरक्षा का महान स्रोत होते हैं। मुश्किल समय में, रिश्तों से मिलने वाला भावनात्मक सहारा तनाव और चिंता को कम करता है। यह हमें जीवन के उतार-चढ़ावों से निपटने में मदद करता है और अकेलापन दूर करता है। 2. बेहतर स्वास्थ्य: मज़बूत सामाजिक संबंधों से हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अध्ययनों से पता चला है कि जिन लोगों के रिश्ते अच्छे होते हैं, वे अधिक खुश, स्वस्थ और लंबा जीवन जीते हैं। यह रक्तचाप को कम कर सकता है और अवसाद के जोखिम को भी कम करता है। 3. व्यक्तिगत विकास: रिश्ते हमें खुद को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। ये हमें अपनी शक्तियों, कमज़ोरियों और नैतिक सीमाओं से परिचित कराते हैं। जब हम दूसरों के साथ संबंध बनाते हैं, तो हमें अपनी गलतियों से सीखने और एक बेहतर इंसान बनने का मौका मिलता है। 4. जीवन को उद्देश्य देना: अच्छे रिश्ते जीवन को एक उद्देश्य देते हैं। जब हम अपने प्रियजनों के साथ अनुभव साझा करते हैं और यादें बनाते हैं, तो यह हमारे जीवन में खुशी और अर्थ लाता है। 5. समाज का आधार: व्यक्ति से परिवार और परिवार से समाज बनता है। रिश्ते ही हैं जो समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखते हैं। सामाजिक रिश्ते हमें एक-दूसरे से जोड़ते हैं और एक मजबूत समुदाय बनाते हैं। 6. सम्मान और विश्वास: किसी भी रिश्ते की नींव प्यार के साथ-साथ आपसी सम्मान और विश्वास पर टिकी होती है। जब हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, तो रिश्ता और भी मजबूत होता है। जिस तरह एक पौधा पानी के बिना सूख जाता है, उसी तरह बिना रिश्तों के जीवन भी खाली और अधूरा होता है। इसलिए, हमें अपने रिश्तों को समय देना चाहिए और उनकी कद्र करनी चाहिए। Premanand ji MaharajRamayanMahabharatShreeSongBhajan marg
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    32 mins
  • तर्क करना बंद करो हमारी बात को समझो Parmanand ji Maharaj
    Oct 18 2025
    Premanand ji Maharaj
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    30 mins
  • सुन्दर व शांत बने के लिए क्या करे Parmanand ji Maharaj
    Oct 18 2025
    सुंदर और शांत बनने के लिए, शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का ध्यान रखना ज़रूरी है। इसके लिए आप व्यायाम करें, अच्छी नींद लें, स्वस्थ भोजन करें और अपने मन को शांत करने के लिए गहरी साँस लेने, ध्यान या प्रकृति में समय बिताने जैसी तकनीकों का पालन करें।

    शारीरिक स्वास्थ्य के लिए
    • नियमित व्यायाम करें: पैदल चलना, दौड़ना या कोई भी शारीरिक गतिविधि एंडोर्फिन नामक हार्मोन जारी करती है, जो मूड को बेहतर बनाता है और तनाव कम करता है।
    • पौष्टिक भोजन करें: गाजर और अखरोट जैसे स्वस्थ स्नैक्स चुनें और खूब पानी पिएं।
    • पूरी नींद लें: सुनिश्चित करें कि आपको पर्याप्त नींद मिले, क्योंकि यह तनाव को कम करने और एकाग्रता में सुधार करने में मदद करती
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    50 mins
  • डिप्रेशन को कैसे कमकम करे Premanand ji Maharaj
    Oct 17 2025
    डिप्रेशन कम करने के लिए नियमित व्यायाम करें, स्वस्थ भोजन करें, पर्याप्त नींद लें और शराब से परहेज करें। इसके साथ ही, प्रियजनों से बात करें, अपनी पसंद की गतिविधियों में शामिल हों और माइंडफुलनेस या ध्यान का अभ्यास करें। यदि लक्षण गंभीर हों तो डॉक्टर या मनोचिकित्सक से पेशेवर मदद ज़रूर लें। जीवनशैली में बदलावनियमित व्यायाम: शारीरिक गतिविधि से एंडोर्फिन जैसे रसायन निकलते हैं जो मूड को बेहतर बनाते हैं। हर दिन टहलना या हल्का एरोबिक व्यायाम भी फायदेमंद हो सकता है। स्वस्थ आहार: संतुलित भोजन करें जिसमें फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल हों। जंक फूड और प्रोसेस्ड खाने से बचें। पर्याप्त नींद: हर रात अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लें, न बहुत कम और न बहुत ज्यादा। शराब से बचें: शराब एक अवसाद है, इसलिए इसका सेवन न करें या बहुत सीमित करें। बाहर समय बिताएं: प्रकृति के बीच समय बिताने से भी मूड में सुधार होता है। मानसिक और सामाजिक समर्थनप्रियजनों से बात करें: अपने दोस्तों, परिवार या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से अपनी भावनाओं को साझा करें। मनोरंजक गतिविधियां: अपनी पसंदीदा चीजें करें, जैसे संगीत सुनना, फिल्म देखना या कोई और शौक पूरा करना। माइंडफुलनेस और ध्यान: दिमागीपन का अभ्यास करें, जो तनाव और चिंता को कम करने में मदद कर सकता है। सामाजिक मेलजोल: लोगों से मिलें और बातचीत करें, भले ही छोटे स्तर पर शुरू करें, जैसे किसी को टेक्स्ट करना। लक्ष्य निर्धारित करें: छोटे और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। पेशेवर मददडॉक्टर से मिलें: अगर आपको लगता है कि आप खुद से निपट नहीं पा रहे हैं, तो डॉक्टर या मनोचिकित्सक से बात करें। पेशेवर इलाज: डॉक्टर से बात करने पर वे आपको सही निदान और उपचार (जैसे काउंसलिंग या दवाएं) सुझा सकते हैं। ऑनलाइन सहायता: ऑनलाइन सहायता समूह या थेरेपी से भी मदद मिल सकती है, जो शुरुआती और अकेलेपन की भावना को कम करने में सहायक हो सकता है। Premanand ji maharajRamayanMahabharatShree akarshan lila
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    54 mins
  • जीवन मे ये करलो तीसरा नेत्र खुल जाएगा premanand ji Maharaj
    Oct 17 2025
    तीसरा नेत्र खोलने के लिए मंत्र 'ॐ' (Om) है, जो आज्ञा चक्र का बीज मंत्र है। इसके अलावा, एक अन्य मंत्र है 'ॐ ह्लीं क्लीं भूत-भविष्य वर्तमानानि दर्शय ह्लीं क्लीं ॐ फट्'। इन मंत्रों के साथ-साथ त्राटक, शांभवी मुद्रा, और ध्यान जैसे अभ्यास भी महत्वपूर्ण हैं।





    मंत्र और उनका उपयोग


    • ॐ (Om):
      यह सबसे मौलिक बीज मंत्र है और तीसरी आंख चक्र के लिए सबसे शक्तिशाली माना जाता है। इसका उपयोग ध्यान के दौरान एकाग्रता और कंपन को बढ़ाने के लिए किया जाता है।






    • 'ॐ ह्लीं क्लीं भूत-भविष्य वर्तमानानि दर्शय ह्लीं क्लीं ॐ फट्':
      यह एक अधिक जटिल मंत्र है जिसका उपयोग १२ दिनों तक करने की सलाह दी जाती है। इसके अभ्यास के दौरान कई विचित्र अनुभव हो सकते हैं और यह भविष्य के संकेत प्रदान कर सकता है।








      अन्य महत्वपूर्ण अभ्यास


      • त्राटक:
        किसी बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने का अभ्यास, जो मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है।






      • शांभवी मुद्रा:
        एक ऐसी योगाभ्यास जिसमें आँखें बंद करके ध्यान केंद्रित किया जाता है।






      • ध्यान:
        नियमित ध्यान अभ्यास तीसरी आंख चक्र को जागृत रखने में मदद करता है।






      • मौन व्रत:
        कुछ दिनों तक मौन रहने से भी मन की ऊर्जा को भीतर की ओर मोड़ने में मदद मिलती है।








        सावधानी: ये अभ्यास व्यक्तिगत अनुभव पर निर्भर करते हैं और परिणाम हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी अभ्यास को शुरू करने से पहले एक योग्य गुरु से मार्गदर्शन लेना उचित है।
        Premanand ji Maharaj
        Ramayan
        Mahabharat
        Bhajan
        Ram bhajan
        Beta wani
        Akarshan lila




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    30 mins