कुछ भी गलत नहीं है
Failed to add items
Add to basket failed.
Add to Wish List failed.
Remove from Wish List failed.
Follow podcast failed
Unfollow podcast failed
-
Narrated by:
-
By:
About this listen
सभी चीजें सही ढंग से चल रही हैं। नौकरी स्थिर है, बिल समय पर चुक जाते हैं, दिन बिना किसी रुकावट के गुजरते हैं। मगर भीतर एक सूक्ष्म खालीपन है, जिसे इंगित करना मुश्किल है। कोई आपातकाल नहीं, फिर भी कुछ अधूरा लगता है।
सुबह की लय में वही क्रियाएँ दोहराई जाती हैं। कॉफी का कप, यात्रा की तैयारी, स्क्रीन पर नजरें। सब कुछ सतह पर ही टिकता है। जवाब देने के लिए शब्द हैं, "ठीक हूँ," "अच्छा हूँ," लेकिन दिल के भीतर कहीं एक खालीपन रहता है।
समस्याएँ नहीं हैं, शिकायत की कोई वजह नहीं। फिर भी, यह सुस्ती छुपी रहती है। रेडियो की आवाज़ सुनाई देती है, मगर अर्थ खो जाता है। स्वाद की जगह एक सूनी खामोशी होती है।
रात के अंत में, मन में एक हल्का सा सवाल जागता है। कुछ नहीं टूटा है, फिर भी खुद से दूरी की भावना क्यों है? जीवन का यह स्थिर प्रवाह कुछ न माँगकर भी भीतर कुछ ले जाता है। जवाब नहीं चाहिए। बस यह एहसास कि यह खामोशी भी अपनी कहानी कहती है।
यह पॉडकास्ट व्यक्तिगत कहानियाँ और आत्मचिंतन साझा करता है, न कि पेशेवर मार्गदर्शन। यदि आप किसी कठिन समय से गुजर रहे हैं या सहायता की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं, तो किसी योग्य विशेषज्ञ से संपर्क करना मददगार हो सकता है।